शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2024

कठिनाइयों का धैर्य पूर्वक सामना करने की प्रेरणा देते थे संत लहरी सिंह कश्यप:योगेंद्र सिंह मालिक

लहरीपुर गाँव बसाने वाले संत लहरी सिंह कश्यप जी का 11 वाँ स्मृति दिवस 12 अक्टूबर 2024 को उनके पैतृक निवास पर बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया । इस अवसर पर  संत लहरी सिंह जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए  चौधरी योगेंद्र सिंह मालिक  ने कहा कि लहरी सिंह कश्यप जी  एक उच्च कोटि के विचारक थे भले ही उनकी शिक्षा कम है मगर उनके किये गए कार्यो में  महापुरुषों के वे सभी लक्षण झलकते है जो उन्हें साधारण व्यक्तियों से अलग और विशिष्ट बनाते हैं। ये लक्षण उनके जीवन की महानता, सोच और कार्यों में झलकते हैं। महापुरुष न केवल अपने लिए बल्कि समाज और मानवता के कल्याण के लिए कार्य करते हैं। लहरी सिंह जी ने जीवन भर मानवता के कल्याण हेतु कार्य किया है दीन दुखियों की सेवा किया है वे उच्च नैतिक मूल्यों और आदर्शों का जीवन भर पालन करते रहे  हैं। वे सत्य, न्याय और ईमानदारी के मार्ग पर चलते थे और दूसरों को भी इसी मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते थे। उन्होंने  अपने स्वार्थों को त्याग कर दूसरों की भलाई के लिए कार्य  किया हैं। उनका जीवन दूसरों की सेवा के लिए  समर्पित रहा है। समाज के कमजोर और पीड़ित लोगों के प्रति गहरी सहानुभूति रखते थे और उनकी पीड़ा को कम करने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। वे साहस और धैर्य की जीती जागती मिशाल थे उनके जीवन मे बहुत सारी कठिन परिस्थितियां आयीं मगर उन कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने  धैर्य और साहस से काम लेते  हुए  सभी चुनौतियों का सामना किया और दूसरों को भी साहस और  धैर्य पूर्वक जीवन यापन करने की प्रेरणा दिया । उनके अंदर एक दूरदर्शिता  का भाव झलकता था वे वर्तमान की चुनौतियों को देखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं को समझ जाते थे  और दीर्घकालिक कल्याण की दिशा में कार्य करते थे । वे  निःस्वार्थ भाव से समाज और मानवता की सेवा में रत रहते थे । उनका उद्देश्य अपने हित से अधिक समाज और देश का कल्याण करना था वे सभी के प्रति समान दृष्टिकोण रखते  थे जाति, धर्म, रंग, लिंग आदि के भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को एक समान मानते थे । उनका जीवन केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं था, बल्कि वे आध्यात्मिक ज्ञान और अनुभव से समृद्ध थे । उनका जीवन उच्चतर आध्यात्मिक सिद्धांतों पर आधारित रहा  है। वे गहरे ज्ञान और विवेक से परिपूर्ण थे उनके विचार और कार्य दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। अपने आचरण और कार्यों के द्वारा लोगों को सिखाते थे  वे वही करते थे जिनका वे उपदेश देते थे और इसी कारण लोग उनके प्रति गहरे सम्मान और श्रद्धा का भाव रखते थे । अपने इन गुणों के कारण समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम रहे है उन्होंने बाल विवाह,दहेज प्रथा,अंध विश्वास,पाखंड,बेकार के रीतिरिवाजों और रूढ़ियों के खिलाफ आंदोलन चलाया था  और उनके विचार और कार्य सदियों तक लोगों को प्रेरित करते रहेंगें आज उनके 11 वे स्मृति दिवस पर उनको सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करते है और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेते है ।

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