शनिवार, 19 अक्टूबर 2024

फ़ास्ट फ़ूड बन सकता है मानव जीवन के लिए खतरा:डा०रामनिवास कश्यप


 दिनांक 12 अक्टूबर 2024 को लहरीपुर गांव बसाने वाले संत श्री लहरी सिंह कश्यप जी के 11वें स्मृति दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय चेतना ट्रस्ट व अल्टीमेट ट्रुथ यूनिवर्स ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में -"पैक्ड खाद्य एवं पेय पदार्थों में रंग,गंध,स्वाद,परिरक्षक एवं योजक के रूप में प्रयुक्त रसायनों से बच्चों,वयस्कों तथा जीवों के लीवर,हार्ट,ब्रेन,नर्वसिस्टम पित्ताशय ,अग्नाशय,किडनियां,अस्थियां,आंतें,आंखें और शरीर कैसे बचाएं?"-विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा संत लहरी सिंह कश्यप के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। अथिति के रूप में बोलते हुए डाक्टर रामनिवास कश्यप जी ने बोलते हुए कहा कि पैक्ड खाद्य और पेय पदार्थों में उपयोग किए जाने वाले रसायन जैसे रंग, गंध, स्वाद, परिरक्षक, और योजक लंबे समय तक स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डाल सकते हैं। इनसे लीवर, हार्ट, ब्रेन, नर्वस सिस्टम, पित्ताशय, अग्नाशय, किडनियां, अस्थियां, आंतें, आंखें और शरीर के अन्य अंगों पर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इनसे बचाव के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:1. प्राकृतिक और ताजे भोजन का सेवन: ताजे और कम प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें। यह रसायनों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है। 2. लेबल को ध्यान से पढ़ें: खाद्य और पेय पदार्थ खरीदते समय उनके लेबल पर लिखी सामग्री को ध्यान से पढ़ें। अगर उसमें सिंथेटिक योजक या परिरक्षक अधिक मात्रा में हैं, तो उसे न खरीदें। 3. ऑर्गेनिक उत्पादों का उपयोग: ऑर्गेनिक उत्पादों में कृत्रिम रसायनों का उपयोग कम होता है, जिससे स्वास्थ्य पर उनका दुष्प्रभाव कम होता है। 4. घर पर भोजन तैयार करें: जितना हो सके, अपने भोजन को घर पर ही तैयार करें, जिससे आप यह सुनिश्चित कर सकें कि उसमें कोई हानिकारक रसायन नहीं है। 5. संतुलित आहार: शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रखने के लिए संतुलित आहार लें, जिससे शरीर को इन रसायनों से लड़ने में मदद मिले। 6. पानी की मात्रा बढ़ाएं: पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलने में मदद मिलती है। 7. पर्याप्त नींद और व्यायाम: स्वस्थ जीवनशैली से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली बेहतर होती है, जिससे रसायनों के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है। 8. रसायन रहित सफाई उत्पादों का प्रयोग: रसोई और भोजन के संपर्क में आने वाले स्थानों की सफाई के लिए प्राकृतिक या जैविक सफाई उत्पादों का उपयोग करें। 9. नियमित स्वास्थ्य जांच: समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहें, जिससे किसी भी अंग पर हो रहे दुष्प्रभावों का पता लगाया जा सके और समय रहते इलाज हो सके।
इन उपायों को अपनाकर आप और आपके परिवार को पैक्ड खाद्य पदार्थों में उपयोग होने वाले हानिकारक रसायनों से बचा सकते हैं।और अंत मे ऐसे महान संत श्री लहरी सिंह कश्यप  जिन्होंने लोगो के सामाजिक आर्थिक,राजनैतिक उत्थान हेतु देश के सभी राज्यो का भर्मण किया तथा सामाजिक लोगो को एकता की राह दिखाई मैं उनसे बहुत बार व्यक्तिगत रूप से भी मिल चुका हूँ वे एक उत्साही सरल ह्रदय वाले व्यक्ति थे उन्होंने जगत कल्याण की भावना से देश के कोने कोने में भर्मण किया तथा लोगो को उपदेश दिया कि इस धरती पर सभी प्राणी एक समान है कोई छोटा बड़ा नही है । वे लोगो को शाकाहार रहने की शिक्षा देते थे उनका मानना था कि सभी जीव ईश्वर की सन्तान है ।वे लोगो को शिक्षा ग्रहण करने की प्रेरणा देते थे उनका कहना था कि यदि दुनिया मे क्रांतिकारी परिवर्तन चाहते हो तो शिक्षा का प्रचार प्रसार ज्यादा से ज्यादा करे अशिक्षित व्यक्ति बिना पूँछ और सींग का पशु होता है ।वे बालिका शिक्षा के प्रबल समर्थक थे एक पढ़ी लिखी लड़की दो परिवारों की तरक्की करती है । उनका मानना था कि आत्मिक आध्यात्मिक उन्नत्ति से ही समाज मे भाई चारे की भावना विकसित होती है उनके जीवन पर कबीर दास जी के विचारों का गहरा प्रभाव था । वे अंधविश्वास के घोर विरोधी थे ऐसे महान संत को उनके 11 वे स्मृति दिवस पर कोटि कोटि नमन

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