सोमवार, 6 नवंबर 2023

सर्व सम्मति से समाज सुधारक निर्वाण प्राप्त लहरी सिंह कश्यप को संत की उपाधि प्रदान करने पर बनी सहमति

लहरीपुर गाँव बसाने वाले लहरी सिंह कश्यप जी को मिली संत की उपाधि
  राष्ट्रीय सामाजिक न्याय चेतना ट्रस्ट एवं अल्टीमेट ट्रुथ 
यूनिवर्स ट्रस्ट के तत्वाधान में  शामली जनपद में  लहरीपुर गाँव बसाने वाले स्वर्गीय लहरी सिंह कश्यप जी  के दसवें स्मृति दिवस 12 अक्टूबर 2023 के अवसर पर गाँव लहरीपुर  में भारी संख्या में  देश के विभिन्न हिस्सों से लहरी सिंह कश्यप के अनुयायी श्रद्धालु उपस्थित हुए , लगभग 3000 श्रद्धालुओ  ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। सुबह से ही आश्रम में परिवर्तित उनके आवास पर उनकी  वाणी भजन व पूजन आदि का  कार्यक्रम हुआ सुबह 10:00 बजे देश के कोने-कोने से आए उनके अनुयायी श्रद्धालुओं ने खड़े होकर उनके सम्मान में मौन प्रार्थना की तथा  सभी प्रमुख अतिथियों ने उनके चित्र व उनकी विचार संस्कार की मूल गद्दी पर  पुष्प व माल्यार्पण किया तथा उनके अनुयायियों द्वारा लाये हुए  दीपों को सामूहिक रूप से प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
 तत्पश्चात  राष्ट्रीय ध्वज फहराकर उसे सेल्यूट करते हुए राष्ट्रगान किया गया।  सभी ने खड़े-खड़े सामूहिक रूप से दाहिना हाथ उठाकर सामने करके  संविधान की उद्देशिका की शपथ ग्रहण किया । तदुपरांत  प्रेरणा गीत-" उठें उठें समाज के लिए उठें उठें जगें-जगें स्वराष्ट्र  के लिए जगें-जगें "सामूहिक गान पी० जी०  कॉलेज गाजीपुर के  प्रोफे० ( डॉ०) जी० सिंह कश्यप द्वारा कराया गया। इस अवसर पर " सम्पूर्ण मानवता और राष्ट्र की समस्त समस्याओं के सम्पूर्ण निराकरण हेतु सभी वर्गों में बिखरे हुए नेतृत्व में समन्वय की अनिवार्यता " नामक विषय पर एक राष्ट्रीय वैचारिक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया । विनोद छत्रा ने संगोष्ठी के विषय की प्रस्थापना करते हुए कहा कि मानवता के कल्याण हेतु हर क्षेत्र में सम्पूर्ण समन्वय  परम आवश्यक  है जिसके लिए सभी को  संकल्पित होकर कार्य करने की आवश्यकता है। मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए पी जी कॉलेज गाजीपुर के प्रोफ०(डॉ०) जी० सिंह कश्यप ने विस्तार से संपूर्ण समन्वय के सिद्धांत के मनोवैज्ञानिक, मानसिक,आध्यात्मिक, धार्मिक,व्यावहारिक,वैचारिक,राजनीतिक सामाजिक,भौगोलिक और आर्थिक पक्षों को समझाकर सभी जिज्ञासु प्रश्नों का उत्तर प्रदान करते हुए  सभी विचारधाराओं के लोगों को समन्वय के साथ कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि समन्वय बनाने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है समन्वयपूर्ण  नेतृत्व हेतु शिक्षा बहुत जरूरी है क्योंकि शिक्षा से बुद्धि , बुद्धि से विवेक, विवेक से न्याय, नयाय से निर्णय और  निर्णय से नेतृत्व पैदा होता है ।पूर्व राज्य मंत्री उदयवीर सिंह देशवाल ने लहरी सिंह के जीवन दर्शन  पर  प्रकाश डालते हुए कहा कि लहरी सिंह कश्यप एक सामाजिक न्यायप्रिय  समन्वयवादी  विचारधारा  के धनी व्यक्ति थे उन्होंने समाज के सभी वर्गों के हितों के लिए कार्य किया है आज उनसे प्रेरणा लेने की जरूरत है ।पूर्व एमएलसी एवं विधानसभा  अध्यक्ष श्री सुरेश कश्यप एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री सपना कश्यप ने समन्वय के विचार की सराहना करते हुए  राजनीति समाज धर्म व्यवहार और व्यवसाय में पूर्ण रूप से स्थापित करने के मिशन का भागीदार बनने और सक्रिय भूमिका निभाने  का ऐलान किया। राष्ट्रीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष चौधरी धर्मेंद्र देशवाल ने इसी विचार के आधार पर समाज में बाल्यावस्था से लेकर वृद्धावस्था तक संस्कार फैलाने के मिशन में शिक्षा,समाज, व्यापार ,धर्म, विज्ञान और व्यवहार को माध्यम बनाकर समन्वय के विचार को मजबूत बनाने के संकल्प में अपनी टीम श्री  मुखिया जगनपुरा और बबलु राणा के साथ अग्रणी भूमिका निभाने का वायदा  किया। राष्ट्रीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सलेक चंद कश्यप   ने  कहा कि लहरी सिंह पाखंडो अंधविश्वासों और बेकार के रीतिरिवाजों के प्रबल विरोधी  और समन्वयवादी विचारो के व्यक्ति थे उन्होंने सर्वसम्मति के निर्णय को दोहराते हुए स्वर्गीय लहरी सिंह कश्यप को संत की उपाधि प्रदान करने के प्रस्ताव पर सहमति प्राप्त किया । राष्ट्रीय संयुक्त किसान मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी राजवीर सिंह मुंडेट ने अपनी टीम के सदस्यों चौधरी योगेंद्र मलिक प्रधान और चौधरी राजपाल सिंह चौहान बलवा व विनोद कुमार के साथ समन्वयवादी  विश्व व्यापक विचार को प्रचारित प्रसारित  और व्यवहार में फलीभूत करने और कराने  के मिशन का अग्रणी भागीदार बनने का संकल्प लिया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री बसंत सैनी ने सभी मानव समूहों को परस्पर सम्मानित होकर शिक्षा रोजगार,समाज की सभी आर्थिक और संसाधनात्मक जरूरत को आध्यात्मिक राजनीतिक,सामाजिक और प्रत्येक विषयगत विकास की वास्तविक परिकल्पनाओं को चरम पर पहुंचाने के मिशन में अग्रणी भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।  गोष्ठी में कृष्णपाल,राममेहर,डॉ सतीश लांक ,इंदरपाल,रोहताश,चौधरी लोकेन्द्र , आदि ने भी अपना विचार व्यक्त किया संगोष्टि में मुख्य रूप से  संजय कश्यप कंडेला ,दीपक बालान ,महाबीर,किरणपाल,सत्यपाल,राजबीर सिंह,सौरभ,सतीश रोहित, मास्टर जय प्रकाश,रेखा चौहान,नरेंद्र ,संदीप कश्यप अनुज,मोनू,सोनू ,अमरीश, आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, संगोष्टि की अध्यक्षता चौधरी भोपाल सिंह कश्यप ने किया तथा संचालन श्रीमती रेखा चौहान ने किया ।







  

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